नई दिल्ली,एडिशनल सीपी स्पेशल सेल पी. एस. कुशवाहा ने बताया कि दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने कुख्यात हर्री बॉक्सर–रोहित गोदारा गैंग को बड़ा झटका देते हुए इसके चार शातिर बदमाशों को दिल्ली और मोहाली से गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई से मोहाली के एक बिजनेसमैन पर होने वाले हमले को टाल दिया गया।
गिरफ्तार आरोपियों में कातिर्क जाखड़ और कविश फूतेला को दिल्ली के न्यू अशोक नगर इलाके से पुलिस मुठभेड़ के बाद पकड़ा गया। कातिर्क के पैर में गोली लगी, जबकि दोनों को सुरक्षित गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस ने मौके से दो सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, कारतूस और चोरी की बाइक बरामद की। कातिर्क की गिरफ्तारी बेहद अहम मानी जा रही है, क्योंकि वह भारत में गैंग की गतिविधियों को सीधे हर्री बॉक्सर के इशारों पर संचालित कर रहा था।
बाद में इनकी निशानदेही पर पंजाब के मोहाली से दो और आरोपी – मनोेज साहरण और पवन कुमार को भी दबोचा गया। पुलिस के अनुसार दोनों को मोहाली के एक व्यापारी पर गोली चलाने का टास्क दिया गया था, जिसने पहले 10 करोड़ रुपये की रंगदारी देने से इनकार कर दिया था।
राजस्थान के श्रीगंगानगर का रहने वाला 29 वर्षीय कातिर्क कई राज्यों की पुलिस को वांछित है।वह पहले भी हत्या का प्रयास, रंगदारी, आर्म्स एक्ट समेत कई मामलों में शामिल रहा है।हाल ही में उसने हर्री बॉक्सर के लिए राजस्थान के एक राजनीतिक नेता से 30 करोड़ रुपये की रंगदारी मांगी थी।
वह गैंग के लिए शूटर्स की व्यवस्था, हथियार सप्लाई और लॉजिस्टिक सपोर्ट का जिम्मा संभालता था।
25 वर्षीय कविश श्रीगंगानगर का निवासी है और स्नातक तक पढ़ाई की है। 2024 में आर्म्स सप्लाई के मामले में राजस्थान पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। कातिर्क के जरिए वह भी हर्री बॉक्सर और विदेश में बैठे अन्य गैंगस्टर्स के संपर्क में आया।
दिल्ली से – 2 सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 7 जिंदा कारतूस, 7 खाली खोखे, चोरी की बाइक और फर्जी आधार कार्ड बरामद हुआ।
मोहाली से 2 पिस्टल, 3 मैगजीन और 17 जिंदा कारतूस बरामद हुआ।
हर्री बॉक्सर और रोहित गोदारा इस समय विदेश में छिपे हुए हैं और वहीं से दिल्ली, पंजाब और राजस्थान के व्यापारियों, बिल्डरों और प्रॉपर्टी डीलरों से रंगदारी की कॉल कर रहे हैं। हर्री बॉक्सर पहले मशहूर कॉमेडियन कपिल शर्मा को भी धमकी दे चुका है।
एडिशनल सीपी स्पेशल सेल पी. एस. कुशवाहा ने बताया कि स्पेशल सेल का मुख्य फोकस जहां आतंकवाद पर है, वहीं ऐसे संगठित अपराधी गैंग्स को खत्म करना भी उनकी प्राथमिकता है, क्योंकि ये दिल्ली-एनसीआर समेत पड़ोसी राज्यों की शांति और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा हैं।