डिजिटल युग में मोबाइल फोन, कैमरा और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग के साथ महिलाओं की निजता पर गंभीर खतरा उत्पन्न हुआ है। बिना सहमति किसी महिला की निजी गतिविधियों को गुप्त रूप से देखना, रिकॉर्ड करना या प्रसारित करना वॉयरिज़्म (Voyeurism) ताक झांक कहलाता है, जिसे भारतीय कानून में एक गंभीर यौन अपराध माना गया है।
वॉयरिज़्म क्या है?
वॉयरिज़्म का तात्पर्य है— किसी महिला को उसकी जानकारी या सहमति के बिना, ऐसी स्थिति में देखना या रिकॉर्ड करना जहाँ वह निजता की अपेक्षा रखती हो, जैसे:
-
स्नान करते समय
-
कपड़े बदलते समय
-
किसी निजी या अंतरंग गतिविधि के दौरान
इसके साथ ही, यदि ऐसे फोटो या वीडियो को ऑनलाइन या किसी अन्य माध्यम से साझा किया जाता है, तो अपराध और भी गंभीर हो जाता है।
लागू कानून:
धारा 77, भारतीय न्याय संहिता (BNS), 2023 (पूर्व में धारा 354C, भारतीय दंड संहिता – IPC)
यह धारा महिलाओं की निजता और गरिमा की रक्षा के उद्देश्य से लाई गई है।
सज़ा का प्रावधान
-
पहला अपराध: अधिकतम 3 वर्ष का कारावास और जुर्माना
-
दूसरा या पुनरावृत्ति अपराध: अधिकतम 7 वर्ष का कारावास और जुर्माना
साइबर अपराध से जुड़ा पहलू ताक झांक के मामले में
यदि वॉयरिज़्म से संबंधित सामग्री इंटरनेट, सोशल मीडिया या मैसेजिंग प्लेटफॉर्म पर साझा की जाती है, तो निम्नलिखित धाराएँ भी लागू हो सकती हैं:
-
धारा 66E, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) ➝ निजता का उल्लंघन
-
धारा 67, सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 (IT Act) ➝ ऑनलाइन अश्लील सामग्री का प्रकाशन या प्रसारण
महत्वपूर्ण कानूनी सिद्धांत
इसको इस बात से समझे कभी की रिकॉर्डिंग की सहमति का अर्थ साझा करने की सहमति नहीं है।
यदि किसी परिस्थिति में रिकॉर्डिंग की अनुमति दी गई हो, तब भी बिना स्पष्ट अनुमति उसे साझा करना अपराध है।
पीड़िता के संवैधानिक अधिकार
-
अनुच्छेद 21, भारतीय संविधान ➝ जीवन और व्यक्तिगत स्वतंत्रता का अधिकार, जिसमें निजता का अधिकार भी सम्मिलित है|
-
साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराने का अधिकार
-
राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत का अधिकार
-
जांच के दौरान पहचान की गोपनीयता का अधिकार
क्या करें यदि आप पीड़ित हैं?
✔ साक्ष्य सुरक्षित रखें (स्क्रीनशॉट, लिंक आदि)
✔ नजदीकी साइबर पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराएं
✔ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर रिपोर्ट करें
✔ कानूनी सहायता प्राप्त करें
वॉयरिज़्म केवल नैतिक अपराध नहीं, बल्कि कानूनी रूप से दंडनीय गंभीर अपराध है। डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किसी की निजता का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध कानून सख्त है। जागरूकता, त्वरित रिपोर्टिंग और कानूनी कार्रवाई ही ऐसे अपराधों को रोकने का प्रभावी माध्यम है।
सतर्क रहें। सुरक्षित रहें। www.crimeindelhi.com





