नई दिल्ली, दिल्ली पुलिस ने राजधानी को नशा मुक्त बनाने के अपने संकल्प को सुदृढ़ करते हुए आज एक ‘मेगा ड्रग डिस्ट्रक्शन इवेंट’ का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में दिल्ली के उपराज्यपाल विनय कुमार सक्सेना और दिल्ली पुलिस आयुक्त संजय अरोड़ा ने भाग लिया। इस पहल के तहत जब्त किए गए नशीले पदार्थों को नष्ट किया गया, जिसका अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य ₹2,622 करोड़ है।
दिल्ली पुलिस नशीले पदार्थों के खिलाफ ‘जीरो-टॉलरेंस पॉलिसी’ पर काम कर रही है और इसे जड़ से खत्म करने के लिए प्रतिबद्ध है। ‘ऑपरेशन कवच’ और अन्य अभियानों के तहत, ड्रग तस्करों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है।
वर्ष 2024 में, दिल्ली पुलिस ने NDPS अधिनियम के तहत 1,789 मामले दर्ज किए और 2,290 ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया। साथ ही ₹4 करोड़ की संपत्ति जब्त की गई, जबकि ₹5 करोड़ की अतिरिक्त संपत्ति की जब्ती की प्रक्रिया जारी है। इसके अलावा, बार-बार ड्रग तस्करी में शामिल अपराधियों के खिलाफ PITNDPS अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
इस कार्यक्रम के दौरान जब्त किए गए निम्नलिखित मादक पदार्थों को नष्ट किया गया:
– कैनबिस: 529.456 किलोग्राम
– चरस: 27.347 किलोग्राम
– हेरोइन: 11.580 किलोग्राम
– कोकीन: 517.875 किलोग्राम
– एमडीएमए: 15 ग्राम
– पोस्ता स्ट्रॉ: 542.3 किलोग्राम
– केटामाइन: 8.0 किलोग्राम
– इफेड्रिन: 6.5 किलोग्राम
नष्ट की गई नशीली दवाओं का कुल वजन 1,643.074 किलोग्राम रहा, जिसका अंतरराष्ट्रीय बाजार मूल्य लगभग ₹5,997.75 करोड़ आँका गया।
दिल्ली को 2027 तक नशा मुक्त बनाने के लिए 26 नवंबर 2024 को 9वीं राज्य स्तरीय एनसीओआरडी बैठक में तीन साल का लक्ष्य निर्धारित किया गया था। इसके तहत 1 दिसंबर 2024 से व्यापक पायलट अभियान चलाया गया, जिसमें:
– 200 छात्रावासों, 200 स्कूलों, 50 कॉलेजों, 200 दुकानों और 200 होटलों/पब/बार/रेस्तरां में छापेमारी की गई।
– ऑटो और टैक्सी चालकों की आकस्मिक जांच की गई।
– ‘ड्रग-फ्री दिल्ली’ थीम पर पेंटिंग प्रतियोगिता आयोजित की गई, जिसमें 372 प्रविष्टियाँ प्राप्त हुईं। विजेताओं को दिल्ली पुलिस स्थापना दिवस (16 फरवरी 2025) पर सम्मानित किया गया।
जनवरी 2025 में गृह मंत्री द्वारा ‘मानस’ पोर्टल लॉन्च किया गया था, जिसमें आम जनता बिना पहचान उजागर किए हेल्पलाइन नंबर 1933 के माध्यम से नार्को अपराधियों की जानकारी दे सकती है।
दिल्ली पुलिस ने नशे के खिलाफ लड़ाई में जनता को भी शामिल करने के लिए विभिन्न जागरूकता अभियानों की शुरुआत की है। उपराज्यपाल ने सभी नागरिकों, सरकारी विभागों और कानून प्रवर्तन एजेंसियों से इस मिशन में सहयोग करने का आग्रह किया। उन्होंने कहा कि 2027 तक ‘नशा मुक्त दिल्ली’ का सपना साकार करने के लिए सामूहिक प्रयास आवश्यक हैं।
दिल्ली पुलिस की इस पहल ने नशे और उससे जुड़ी आपराधिक गतिविधियों के खिलाफ एक मजबूत संदेश दिया है। जब्त नशीले पदार्थों के सुरक्षित निपटान से यह स्पष्ट हो गया है कि राजधानी में नशे के लिए कोई जगह नहीं है।